When Stranger Fall in love - 1 in Hindi Love Stories by silent Shivani books and stories PDF | When Stranger Fall in love - 1

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When Stranger Fall in love - 1

कबीर"

टाईम 7:20 ,लोकेशन: कबीर का फ्लैट मुंबई...
बाहर हो रही धीमी बारिश...और बैकग्राउंड में पंखे की आवाज... 

कबीर: चेयर पर बैठा हुआ लेपटॉप खुला है, लेकिन स्क्रीन पर वही Clint dashboard उसे घूरते रहा है, जहां उसने गलती की थी,,

कबीर: क्या यार एक दिन की ग़लती पर इतना लेक्चर... बाॅस तो मुझे दुश्मन समझता है, मौका नहीं छोड़ता मुझे डांटने का (कबीर अपने ऑफिस फ्रेंड ऋषभ से फोन पर बात करते हुए कहता है)


ऋषभ: अरे भाई,, थोड़ा प्रेजेंटेशन ही वीक था तू चिल कर कल तो वो भूल भी जायेगा ... इतना टेंशन क्यों ले रहा है.. Tomorrow is a new day

कबीर: न भाई न्यू डे न्यू टार्चर.... पता है क्या हर दिन ऐसा लग रहा है, मै बस फाइल्स की दुनिया में खो गया हूं.... ( चाय का शिप लेते हुए) "मेरे पापा न सही कहते थे सरकारी नौकरी की तैयारी कर लें... पर नहीं मुझे तो लैपटॉप टाई और ये डेडलाइन्स पसंद थे....

ऋषभ: तो तू कहीं UPSC का फार्म तो नहीं भरने वाला??? 

कबीर ( हल्की सी हंसी) : नहीं यार,,चल बाद में बात करता हूं…

ऋषभ : हां चल ठीक है,, मै भी बाद मे बात करता हूं,, आज मेरी क्रश ने पूरे 15 दिन बाद रिप्लाई किया....

ऑफिस का थकान भरा दिन,, के बाद कबीर इंस्टाग्राम खोलता है,, क्रश से याद आया क्या नाम था,, वो कोचिंग वाली लड़की का?? जो मेरा क्रश थी,, कभी हिम्मत ही नहीं हुई उससे बात करने की... अब तक तो काफी चेंज हो गई होगी.... मुझे तो उसका नाम ढंग से याद नहीं है.... सब उसे हिटलर माॅनीटर ही तो बोलते थे!!
कबीर सर्च बार में जाता है, शायद शिवी, शिवांगी हां शायद यही... कबीर शिवी टाइप करता है,, पहला नाम ही शिविका देशमुख आता है,, 

एकाउंट प्राइवेट डीपी भी ब्लर शायद यही है,,, कबीर बिना सोचे समझे रिक्वेस्ट सेंड करता है...

( तीन दिन बाद)

"शिविका"

टाइम 9: 18 मिनट, जगह होस्टल रूम पुणे ,, डिम लाइट चारो तरफ पुस्तकें फैली हुई,,, 
शिविका अपनी पोयट्री डायरी बंद करती है,,, मन थोड़ा उदास..शायद घर वालो की याद आ रही थी,,,

इंस्टाग्राम खोलती है,, रिक्वेस्ट पेंडिंग.. पर एक नाम कबीर मल्होत्रा, प्रोफाइल पिक्चर में मेट्रो स्टेशन ,, केप्शन "No pain No gain"

शिविका: कितना फिल्मी नेम है,, मैंने तो ये नाम हमेशा फिल्मों में सुना है,,रियल लाइफ में ऐसा नाम ,,पक्का फेक अकाउंट है,, बट पोस्ट तो रियल लग रही है,,, "रिक्वेस्ट एक्सेप्टेट"

(कबीर स्क्रीन पर नोटिफिकेशन देखकर खुश हो जाता है,, इसे मै याद हुं,, वो प्रोफाइल स्क्रोल करता है,, ये तो वो नहीं है...पर शिविका का प्रोफाइल कुछ अलग सा कनेक्शन फील करवा रहा था,, सिंपल पिक विथ सटल स्माइल,, एंड पोयटिक केप्शन,,, कबीर शिविका की लगाई हुई स्टोरी दिखता है,, कुछ लाइन लिखी थी 
कुछ बातें हम लिख नहीं पाते" ( शायद किसी और के लिए लिखी थी)

कबीर रिप्लाई करने से खुद को रोक नहीं पाता 

कबीर: ये लाइन तुमने लिखी???

(Seen✅) 3 hours later 

शिविका: हां मैंने लिखी,, कोई शक???

कबीर: नहीं अच्छा लिखी हो, थोड़ा फैमिलियर लगा, इसलिए पूछा 

शिविका: ऐसे ही रेंडमली लिखी... तुम्हें फैमिलियर क्यूं लगा???

कबीर: कुछ नहीं ऐसे ही... मै किसी को ढूंढ रहा था,, मेरी कोचिंग फ्रेंड,, ऐसे ही कुछ नाम था उसका भी,, सो तुम मिल गई... तुमने मेरी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट नहीं की सो मुझे लगा वोही है...

शिविका: तुम्हारा नाम देखकर मुझे लगा फेंक अकाउंट है इसलिए ,,कबीर मल्होत्रा कितना फिल्मी नेम है ...

कबीर: नहीं मैडम कबीर मल्होत्रा बिल्कुल रियल है मुम्बई से हूं सोफ्टवेयर डेवलपर और 26 साल का हूं 😜

शिविका: मैंने इतना तो नहीं पूछा तूमसे😂

कबीर: कोई बात नहीं,,, तुम बताओ अपने बारे में!!

शिविका:मै पुणे से हूं,, काॅलेज सेकेण्ड ईयर में हूं,, और हां 20 साल की हूं 😜

कबीर: शायद होस्टल का बोरिंग खाना खाकर तुम शायर बन गई...😄

शिविका: नहीं मेरे होस्टल का खाना बहुत अच्छा है,,, बोरिंग खाना खा शायर बन गई से क्या मतलब है तुम्हारा???🤨 मै बुरा लिखती हुं??

कबीर: नहीं मेरा वो मतलब नहीं था,, मै बस मज़ाक कर रहा था,,☺️ वैसे मेरी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने में तुमने 3 दिन लगा दिए 

शिविका: शुक्र करो मैंने एक्सेप्ट कर ली,,, ऐसी क ई रिक्वेस्ट पडी है 😄

कबीर: इसका मतलब मै qualifiy हुआ...😜

शिविका: तैयारी करो नये चेट के सिलसिले में तुम Welcome हो😄